अंक ज्योतिष-Ank Jyotish

अंक ज्योतिष

इसके बारे में बहुतया लोग तो जानते ही हैं जिसे आम तौर पर लोग अंग्रेजी में  न्यूमेरोलोजी कहते हैं और हिंदी में अंक ज्योतिष | देखा जाये तो अंक ज्योतिष का इतिहास करीब १०,००० साल पुराना है और इस अंक ज्योतिष शास्त्र को जिस व्यक्ति ने सबसे ज्यादा प्रसिद्ध किया है या वह व्यक्ति पूरे संसार में “सर्वोच्च ख्याति प्राप्त है “ तो मेरे अनुसार सारे दुनिया वालों के जुबान पर एक ही नाम आयेगा वो है “कीरो”.

इस महान व्यक्ति का जनम बीसवीं शताब्दी में आयरलैंड में हुआ था | इनके माता-पिता ने इनका नाम “काउंट लुईस हेमन” रखा था | ऐसा लगा रहा था कि उनके घर में कोई महान शख्सियत ने जन्म लिया है, काउंट लुईस हेमन अपनी युवावस्था में भारत चले आये थे और उन्होंने दक्षिण भारत में कई वर्ष रह कर यहाँ के अनेक विद्वानों के संपर्क में रहते हुये उनसे अंक ज्योतिषीय ज्ञान प्राप्त किया इसके साथ ही सामुद्रिक शास्त्र, पराभौतिक सहित कई अन्य विद्याओं का अध्ययन किया |

जब उन्हें लगा कि अब उन्हें पर्याप्त अंक ज्योतिष ज्ञान प्राप्त हो गया है तब वह वापस अपने घर आ गये और वही पर उन्होंने भारत में प्राप्त अपने ज्ञान को वहाँ के लोगों से अवगत कराया और कुछ वर्षों में वह अपने इस के ज्ञान के माध्यम से बहुत सी सटीक भविष्यवाणी कर के पूरे विश्व में “अंक ज्योतिष के ख्याति प्राप्त” विद्वान हो गये | अपनी शत-प्रतिशत भविष्यवाणीयों से और अंक शास्त्र और हस्तरेखा विद्या को आकाश की अनंत ऊचाईयों तक पंहुचा दिया | अब संसार में सभी लोग उन्हें “कीरो” के नाम से जानने लग गए और यही वह दौर था जब संसार के करोड़ों व्यक्ति उनकी इस अद्भुत अंक ज्योतिष विद्या को जानने के लिए उत्सुक हो गए |

Cheiro Book of Numbersकीरो द्वारा लिखी गयी पुस्तक “कीरोज बुक ऑफ़ नंबर्स” विश्व-विख्यात पुस्तक है और एक अद्वितीय पुस्तक है | इस पुस्तक को दुनिया के कई भाषाओँ में प्रकाशित किया गया है इस पुस्तक ने बिक्री का एक अनोखा रिकॉर्ड बनाया यह “कीरो” कि सर्वश्रेष्ठ कृतियों में सबसे सर्वश्रेष्ठ है | अंक ज्योतिष कि अब तक कि सबसे विश्वशनीय पुस्तक है | अब जानते हैं कि इस अंक ज्योतिष का मूल कहा से आया है |   

अंक ज्योतिष– ज्योतिष के क्षेत्र में एक बहुत ही महत्वपूर्ण विद्या है, अंक ज्योतिष के  द्वारा अंकों के माध्यम से किसी भी व्यक्ति के जीवन, व्यव्हार एवं उसके भविष्य को जानने का एक प्रयास किया जाता है | अंक ज्योतिष में अंकों के माध्यम के द्वारा गणितीय  नियमों का व्यवहारिक उपयोग करके व्यक्ति के विभिन्न पक्षों, उसकी जीवनधारा, उसकी मानसिक  विचारधारा ,एवं उसके जीवन के विषय इत्यादि का विशुद्ध  विवरण प्रस्तुत करने का एक  प्रयास किया जाता है | अंक ज्योतिष को अंक विद्या या अंक शास्त्र इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है | जैसा कि सभी एक बात से अवगत हैं कि हमारे सौरमंडल में नौ ग्रह हैं. सूर्य, चन्द्र,मंगल,बुध, गुरू,शुक्र,शनि,यूरेनस और  वरूण इन सभी नौ ग्रहों को अंक शास्त्र में आधार बनाकर उनकी विशेषताओं के आधार पर गणना की जाती है.

अंक ज्योतिष को अंग्रेजी में न्यूमरोलॉजी का नाम दिया गया है, अगर  हम अंक ज्योतिष के इतिहास को देखें तो पाएंगे कि इसका इतिहास १०,००० वर्षों पूर्व से भी पहले का बताया जाता है और  मिस्र, ग्रीस और बेबीलोन  में इनकी जडों का पनपना आरंभ हुआ और एक प्रसिद्द गणितज्ञ  पाइथागोरस जी के कार्यों द्वारा इन्हें बहुत ही महत्वपूर्ण  प्रमुखता प्राप्त हुई | इस संसार में जितने भी दिनों का आधार देखा जाये तो कोई भी दिन अंकों के बिना बता पाना असंभव  है |  मिस्र के महान गणितज्ञ पायथागोरस ने अंकों की महत्वता  के विषय में इसका गहन अध्ययन कर के इस  तथ्य का अनुमोदन किया कि “ Number rules the universe’’ अर्थात अंक ब्रह्मांड पर राज करते हैं और बगैर अंको को इस जीवन कि कल्पना भी नहीं कि जा सकती है |

हिंदी में अंक अर्थात् अंक जो किसी भी एकल या बहुतम अंको को चिन्हित किया जा सके उसे अंक का नाम दिया गया है जिससे कि किसी भी वस्तु कि संख्या उसका आयतन परिमाप इत्यादि को स्पष्ट किया जा सके और अंग्रेजी में हम इसे  नंबर (Number) कहते हैं और अंग्रेजी में  इन अंकों के  शास्त्र को  Numerology कहते हैं. इसके समान ही मिलता जुलता एक  दूसरा आंकड़ा भी है जिसे कि आंकड़ा शास्त्र (Statistics)  कहते हैं,  जिसमें तथ्यों, , गुणधर्मों और घटनाओं आदि अंकों की जानकारीयों को एकत्र कर  उसका गणित और वैज्ञानिक के रूप में उपयोग किया जाता है और यह अंकशास्त्र (Statistics) अपने अंक ज्योतिष से बिल्कुल अलग है.

अगर देखा जाये तो प्राचीनकाल में  अंक शास्त्र या संख्या शास्त्र का ज्ञान ज्ञान हिन्दुओं, खाल्डीओं, हिब्रुओं, ग्रीकों, इजिप्ट वासियों और चीनियों को ही था. यह सभी देश के प्राचीन ग्रंथों को देखा जाए तो इन देशों के प्राचीन ग्रंथों में इन सभी देशों ने अंक शास्त्र का सर्वोत्तम प्रयोग किया है अपने प्रश्न विचार, स्वरोदम शास्त्र इत्यादि में | अगर देखा जाये तो अंकशास्त्र की व्याख्या देना बहुत ही कठिन विषय है और वोल्टर बी ग्रिब्सन द्वारा अंक शास्त्र पर  दी गई व्याख्या याद रखने योग्य  है | मनुष्य जीवन के भौतिक अस्तित्व में आने वाला यह  ‘गणित शास्त्र के मूलभूत सिद्धांतों का व्यवहारिक उपयोग ही अंकशास्त्र है’.

अंक ज्योतिष का इतिहास देखा जाये तो अंक ज्योतिष हिब्रू लोगों का विषय रहा है और इस पर का भी यही मत  है कि अंकशास्त्र का प्रारंभ हिब्रू मूलाक्षरों से हुआ है | अंकशास्त्र के विद्वानों के अनुसार इजिप्ट की जीप्सी जनजाति ने भी इस अंक शास्त्र को विकसित करने में अपना बहुत महत्वपूर्ण योगदान दिया.

हिब्रू लोगों कि संस्कृति में उनकी भाषा  में ‘बाईस’ मूल अक्षर हैं और हर  अक्षर को उसके  क्रम के अनुसार १  से २२  अंक दिए गए हैं |  हिब्रू लोग अपनी व्यवहारिक भाषा में अक्षरों के स्थान पर अंकों  और अंकों के स्थान पर अक्षरों का उपयोग करते थे | अक्षरों और अंकों के आधार पर हिब्रू लोगों ने हर अक्षर और अंक के  अधिपतियों के रूप में अलग-अलग राशियों तथा ग्रहों को सुनिश्चित किया  था | यह माना जा सकता है कि  हिब्रू लोगों के समय से ही अक्षरों, अंकों, राशियों और ग्रहों के मध्य संबंध स्थापित हुआ  और यह संबंध ही अंक ज्योतिष में अंकशास्त्र के आधार रूप हैं |

अंक ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक ग्रह के लिए १  से लेकर ९  तक एक अंक निर्धारित किया गया है, यह  इस बात पर निर्भर करता है कि कौन से ग्रह पर किस अंक का असर होता है और यही ९  ग्रह मनुष्य के जीवन पर अपना प्रभाव डालते हैं | यह भी मनुष्य के जन्म के समय में  ग्रहों की जो स्थिति होती है, उसी के अनुसार उस व्यक्ति का व्यक्तित्व निर्धारित होता है | इसी कारण मनुष्य के जन्म के बाद मनुष्य पर उसी अंक का सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है, जो कि उस मनुष्य का स्वामी होता है. यदि एक मनुष्य का अंक किसी दूसरे मनुष्य के अंक के साथ मेल खा रहा हो तो दोनों व्यक्तियों के मध्य एक अच्छा संबंध स्थापित होता  है |

अंक ज्योतिष शास्त्र में नाम वर्णमाला के अक्षर  क, ख, ग, घ के अक्षरों और अंकों पर विचार किया जाता है | व्यक्ति के नाम के अक्षर अंग्रेजी में लिखकर प्रत्येक अक्षर के अंक की  गणना कर के नाम का नामांक प्राप्त किया जाता है. तथा जन्म की तिथि, माह एवं वर्ष के अंकों का योग करके भाग्यांक प्राप्त किया जाता है तथा इसके द्वारा अंक ज्योतिष के माध्यम से भविष्यवाणी की जाती है |