ज्योतिष राशि चक्र-तत्व का विवरण-Jyotish Rashi Chakra-Tatv Ka Vivran

ज्योतिष राशि चक्र-तत्व का विवरण-Jyotish Rashi Chakra-Tatv Ka Vivran

ज्योतिष राशि चक्र पिछले लेख में अपने ज्योतिष के १२ राशियों की उत्पत्ति के बारे में पढ़ा है| इस लेख में हम आपको इन सभी १२ राशियों के राशि चक्रों के बारे में विस्तार पूर्वक विवरण देने का प्रयास करेंगे| जिससे कि आप जान सकेंगे कि आप जिस राशि से सम्बन्ध रखते हैं, वह राशि का चक्र तत्व क्या है| और यह क्यों आवश्यक होता है|

जैसा कि आप जानते हैं कि ज्योतिष में कुल १२ राशियाँ होती हैं| भारतीय वैदिक ज्योतिष के अनुसार राशिफल जो कि स्थिर राशि चक्रों पर आधरित है| उसे तीन मुख्य शाखाओं में विभाजित किया गया है| १. भारतीय खगोल विज्ञान, २. सांसारिक ज्योतिष, ३. भविष्यसूचक ज्योतिष| भारतीय ज्योतिष में किस भी व्यक्ति के चरित्र, भविष्य और उनके संगत राशियों के बारे में भविष्यवाणी की जा सकती है| भारतीय वैदिक ज्योतिष के सबसे उत्तम में एक राशिफल संगतता है|

वैदिक ज्योतिष सिद्धांत के अनुसार चार तत्वों के अनुसार 12 राशियों को तीन-तीन राशि के चार समूहों में बांटकर उसका तत्व का निर्धारित करते हैं| आइये अब विस्तार पूर्व इन चार तत्वों के बारे में जानते हैं|

ज्योतिष की चार राशिचक्र तत्व

१. अग्नि तत्व

२. वायु तत्व

३. पृथ्वी तत्व

४. जल तत्व

 ज्योतिष की चार राशिचक्र तत्वों को राशि त्रिकोण के आधार पर विभाजित किया गया है| राशि चक्र तत्वों के अंतर्गत निम्न राशियां आती हैं|

१. प्रथम त्रिकोण राशि तत्व- अग्नि है और इनके अंतर्गत मेष, सिंह, धनु राशियाँ आती हैं|

२. द्वितीय त्रिकोण राशि तत्व- वायु है और इनके अंतर्गत मिथुन, तुला, कुंभ राशियाँ आती हैं|

३. तृतीय त्रिकोण राशि तत्व-पृथ्वी है और इनके अंतर्गत वृष, कन्या, मकर राशियाँ आती हैं|

४. चतुर्थ त्रिकोण राशि तत्व- जल है और इनके अंतर्गत कर्क, वृश्चिक और मीन राशियाँ आती हैं|

यह तो थी राशि चक्र तत्व का अंतर्गत आने वाली सभी १२ राशियाँ जिन्हें राशि त्रिकोण के आधार पर विभाजित किया गया है| आइये अब जानते हैं इन चारों राशि चक्र तत्वों की विशेषताएँ|

चार राशिचक्र तत्वों के अंतर्गत राशियों के विशेषताएं-

१. अग्नि राशि

ज्योतिष की पहली त्रिकोण राशियों (मेष, सिंह, धनु) का तत्व अग्नि है. अग्नि में रूप परिवर्तन की क्षमता होती है| अतः अग्नि तत्व की प्रधान राशियों में क्रियात्मक शक्ति का समावेश होता है| अग्नि राशि के जातक भावुक, गतिशील, मनमौजी, गुस्सैल होते हैं| इन्हे ऊर्जा के स्त्रोत्र के रूप में जाना जाता है| साहसी होने के साथ – साथ ये क्षमाप्रार्थी भी होते हैं। इनकी शारीरिक मज़बूती दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत होती हैं। ये लोग बुद्धिमान, जागरूक, रचनात्मक और आदर्शवादी होते हैं। 

२. जल राशि

द्वितीय त्रिकोण राशियाँ हैं- कर्क राशि, वृश्चिक राशि और मीन राशि इनका तत्व जल है| जल-तत्व की राशि में ग्रहण करने की क्षमता होती है| इसलिए जल-तत्व की प्रधान राशियों में आत्मविश्लेषण, खोज करना और ग्रहण करने का विशेष गुण पाया है|

जल-तत्व राशि के व्यक्ति असाधारण भावनात्मक, अत्यंत सहज, अति संवेदनशील और समुद्र के समान रहस्यमयी होते हैं| जल-तत्व राशि के व्यक्ति गहन वार्तालाप, तीक्ष्ण स्मृति और प्यार में अंतरंगता इनका व्यव्हार होता है| ऐसे व्यक्ति अपनी आलोचना करने से भी नहीं चूकते और इन्हें इनके प्रियजन बहुत प्रिय होते हैं|

३. पृथ्वी राशि

तृतीय त्रिकोण राशियाँ हैं- वृषभ राशि, कन्या राशि और मकर राशि  इनका तत्व पृथ्वी है| पृथ्वी-तत्व में यथार्थता का गुण होता है| अतः पृथ्वी-तत्व की प्रधान राशियाँ पूर्ण सांसारिक और भौतिकता प्रेमी होती हैं|

पृथ्वी-तत्व की राशि होने के कारण इनका पृथ्वी से बहुत गहरा सम्बन्ध होता है| इनसे संबंधित व्यक्ति पृथ्वी पर जीवन जीने की कला को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं| ऐसे व्यक्ति में व्यवहारिकता करने की अक्ल इनमें कूट-कूट कर भरी होती है| ये लोग रूढ़िवादी, यथार्थवादी और बहुत भावुक होते हैं| इन्हें भौतिक वस्तुओं से प्यार और विलासिता से रहना इनका आभूषण होता है| व्यावहारिक समझ, वफादारी और स्थिरता इन्हें आती प्रिय है|

४. वायु राशि

चतुर्थ त्रिकोण राशियाँ हैं- मिथुन राशि, तुला राशि और कुंभ राशि इनका तत्व वायु है| इन राशियों में चचंलता, अनिश्चय एवं बुद्धिमता का गुण भरा होता है| अतः वायु-तत्व की प्रधान राशियां मुख्यतः परिवर्तन प्रिय एवं मानसिक रूप से सबल एवं प्रभावशाली होती हैं|

वायु-तत्व राशि के व्यक्ति बौद्धिक, मिलनसार, विचारक, मित्रवत्, और विश्लेषणात्मक होते हैं| ऐसे व्यक्ति वाक्-पटुता, संवाद करने में और संबंध बनाने में ये बहुत कुशल और निपुण होते हैं| | ये लोग दार्शनिक विचार विमर्श, सामाजिक समारोह और अच्छी पुस्तकों के बीच रहना इन्हें अति प्रिय है|

अब-तक अपने जाना कि ज्योतिष की राशि चक्र तत्व क्या कैसे और कितने होते हैं और इनकी विशेषताएँ क्या हैं| क्या आप जानते हैं कि इन सभी १२ राशियों में से कौन सी राशि दिन के समय बलवान होती है और कौन सी राशि रात के समय में बलवान होती है| यह बहुत आश्चर्य जनक तथ्य है| आइये अब हम आपको इनकी बलिष्ठता के बारे में अवगत करते हैं|

दिन में बलवान छः राशियाँ

  • सिंह राशि  
  • कन्या राशि
  • तुला राशि
  •  वृश्चिक राशि
  •  कुंभ राशि
  •  मीन राशि

ज्योतिष की ये छः राशियाँ दिन में बलवान होती हैं| इन पर सूर्य देव का विशेष प्रभाव रहता है|

रात्रि में बलवान छः राशियाँ

  • मेष राशि
  • वृषभ राशि
  • मिथुन राशि
  • कर्क राशि
  • धनु राशि
  • मकर राशि

ज्योतिष की ये सभी छः राशियाँ रात्रि के समय बलवान होती हैं| रात्रि के समय बलवान  राशियों पर चंद्रमा का विशेष प्रभाव रहता है|अब तो आप ज्योतिष राशि चक्र-तत्व के बारे में बहुत कुछ समझ गए होंगे| आशा करता हूँ कि आपको यह जानकारी पसंद आयी होगी|  

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